रेवांचल टाइम्स: मध्य प्रदेश के बैतूल और ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल यहां स्वास्थ्य विभाग मृत लोगों को भी कोरोना की दूसरी डोज लगा रहा है! दरअसल ये स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का मामला है, जहां ऐसे लोगों को भी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया जा रहा है, जिनकी कई माह पहले ही मौत हो चुकी है. वहीं इस गड़बड़ घोटाले पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच करने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ रहे हैं.
क्या है मामला
बैतूल के सदर बाजार में रहने वाले कलर व्यवसायी आलोक तिवारी और उनके परिवार को बीती 10 नवंबर को मोबाइल पर एक मैसेज मिला. इस मैसेज में लिखा था कि आलोक तिवारी की माता जी केसर बाई को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लग गई है और सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है. इस मैसेज को देखकर परिजन हैरान हैं क्योंकि केसर बाई का 8 माह पहले ही कोरोना से निधन हो चुका है!
परिजनों ने बताया कि केसर बाई को बीती 3 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी थी लेकिन इसके बाद वह कोरोना संक्रमित हो गईं और 27 अप्रैल को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. अब उन्हें दूसरी डोज लगने का मैसेज आने पर परिजन हैरान हैं. वहीं सीएमएचओ डॉ. एके तिवारी का कहना है कि उनके संज्ञान में भी ये मामला आया है और वो इसकी जांच कराएंगे. उन्होंने बताया कि देखना होगा कि यह पोर्टल की गलती है या फिर नाम की गलती. वह इसकी जांच कराएंगे.
ऐसा ही एक मामला ग्वालियर में भी सामने आया है. ग्वालियर जिले में भी सामने आया है. बता दें कि भितरवार कस्बे के वार्ड नंबर 3 में रहने वाले शिवचरण पाठक का 81 वर्ष की उम्र में 6 माह पहले निधन हो गया था. अब बीते बुधवार को शिवचरण पाठक के परिजनों के मोबाइल पर मैसेज आया है कि शिवचरण पाठक को कोरोना की दूसरी डोज लग चुकी है. इसके बाद परिजनों ने जब सर्टिफिकेशन का प्रमाण पत्र निकाला तो उसमें भी दोनों डोज लगने की बात लिखी हुई थी.
इसी तरह कस्बे के वार्ड नंबर 9 में रहने वाले नीरज साहू, जो कि वैक्सीनेशन के लिए गए भी नहीं, उनके मोबाइल पर भी वैक्सीन लगने का मैसेज आ गया. जब जिले के सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से यह गलती हो रही है, इसकी जांच की जाएगी.
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